पटना , मार्च 30 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधान परिषद के सभापति को अपना इस्तीफा पत्र भेज दिया।
श्री कुमार का इस्तीफा ले कर जदयू के वरिष्ठ नेता संजय गांधी और संजय श्रॉफ बिहार विधान परिषद पहुंचे और इसे परिषद के सभापति को सौंप दिया। इस इस्तीफे के साथ ही श्री कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता छोड़ दी है।
इस बीच, बिहार के संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि राज्य विधानमंडल से इस्तीफा देना, राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद एक "संवैधानिक आवश्यकता" है, और इस मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
श्री चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जब कोई नेता राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो जाता है, तो एक निर्धारित समय सीमा के भीतर उसे विधानसभा या विधान परिषद की अपनी मौजूदा सदस्यता से इस्तीफा देना होता है। उन्होंने कहा कि यह एक संवैधानिक आवश्यकता है और मुख्यमंत्री उस दायित्व को पूरा कर रहे हैं।
संसदीय कार्य मंत्री ने श्री कुमार के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने से सम्बंधित सवाल के जवाब में कहा कि कहा कि मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे से संबंधित कोई भी कदम पूरी तरह संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार ही उठाया जाएगा।
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