पटना , फरवरी 21 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत, वर्ष 2025 में हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न बाढ़ एवं मोन्था तूफान के कारण हुई फसल क्षति के लिए दो लाख से अधिक प्रभावित किसानों को 100 करोड़ रूपये से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी) के माध्यम से हस्तांतरित की। श्री कुमार ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि किसान इस राशि का उपयोग आगामी फसलों के लिए कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सभी बाढ़ प्रभावित किसानों को अनुदान राशि दी जा रही है। राज्य सरकार सभी बाढ़ पीड़ित किसानों को सहायता उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्ध है। सरकार किसानों की तरक्की के लिए लगातार काम कर रहे हैं। राज्य के खजाने पर बाढ़ पीड़ितों का पहला अधिकार है।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में भारी वर्षा से उत्पन्न बाढ़ एवं मोथा तूफान से राज्य के 13 जिलों यथा बेगूसराय, भोजपुर, दरभंगा, गयाजी, कैमूर, किशनगंज, मधेपुरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी एवं सुपौल में काफी फसल क्षति हुयी थी। इन जिलों के 53 प्रखंड और 493 पंचायत के किसान प्रभावित हुये थे। जिसके लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत प्रभावित किसानों को फसल क्षतिपूर्ति अनुदान दिया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा सभी प्रभावित जिलों के किसानों से ऑनलाईन आवेदन प्राप्त किया गया तथा जिलों द्वारा इसका सत्यापन किया गया। आज दो लाख दो हजार किसानों को 113 करोड़ 16 लाख रूपये सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री कुमार को कृषि विभाग के प्रधान सचिवनर्मदेश्वर लाल ने हरित पौधा भेंटकर स्वागत किया।
इस अवसर पर दोनों उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिवअनुपम कुमार,कुमार रवि, डॉ. चन्द्रशेखर सिंह,मुख्यमंत्री के विशेष कार्यपदाधिकारी गोपाल सिंह, कृषि विभाग के निदेशक सौरभ सुमन यादव सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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