पटना , मार्च 06 -- जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने शुक्रवार को कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव लड़ने के निर्णय से पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों में स्वाभाविक रूप से चिंता व्याप्त है।

राजधानी पटना में जदयू विधायक दल की बैठक से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार पर जनता का अपार भरोसा है और उस भरोसे को और मजबूत बनाए रखना एक चुनौती है।

श्री कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करना उनका अधिकार है, लेकिन पार्टी के सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों में इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक आशंका और बेचैनी है। उन्होंने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें विधायक और सांसद अपने विचार व्यक्त करेंगे।

जदयू प्रवक्ता ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के चुनावी नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि गठबंधन ने "2025 से 2030 फिर से नीतीश " के आह्वान के साथ चुनाव जीता था। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पार्टी की नैतिक और केंद्रीय शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि श्री कुमार हमारे नेता हैं और उनकी राजनीतिक विरासत तथा जनता के बीच बने विश्वास की रक्षा करना पार्टी के नेताओं की जिम्मेदारी है।

पार्टी प्रवक्ता ने याद दिलाया कि पहले भी जब एक अवसर पर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं थे, तब उन्होंने बिहार की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को "मैं हूं ना" कहकर आश्वस्त किया था, जिससे उनके नेतृत्व पर भरोसा और मजबूत हुआ था। उन्होंने कहा कि विधायक दल की बैठक के बाद ही आगे की राजनीतिक दिशा स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का चिंतित होना स्वाभाविक है और राजग के सहयोगियों के लिए यह चुनौती है कि मुख्यमंत्री श्री कुमार ने जो विश्वास बनाया है, उसे और मजबूत किया जाए।

जदयू नेता ने कहा कि नीतीश कुमार ने अतीत में कई बड़े राजनीतिक फैसले लिए हैं, लेकिन ऐसे निर्णयों को अंतिम रूप देने से पहले वह हमेशा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श की परंपरा निभाते रहे हैं। वर्तमान परिस्थिति में पार्टी विधायकों की राय जानना भी महत्वपूर्ण है और इस पर अंतिम फैसला नीतीश कुमार ही लेंगे।

श्री नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि बैठक में विधायक अपनी भावनाएं खुलकर रखेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पर कोई दबाव नहीं बना सकता और सभी उनके काम करने के तरीके को जानते हैं।उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं में बेचैनी है और उनका भरोसा बहाल करना जरूरी है। इस समय कार्यकर्ताओं में नाराजगी और भावनात्मक पीड़ा है और इस भावना को संबोधित करना पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती है।

जदयू प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने समाजवादी आंदोलन के नैतिक मूल्यों को कायम रखा है और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के साथ काम करते हुए गठबंधन राजनीति के सिद्धांतों को भी सीखा है। उन्होंने बदले हालात में पार्टी के राष्ट्रीय जनता दल के साथ जाने की किसी भी संभावना से इनकार किया।

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