मुंबई , अगस्त 12 -- देश में जारी नीट-पीजी काउंसलिंग के बीच निजी मेडिकल कॉलेजों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के मेधावी छात्रों को अनिवार्य फीस छूट देने से कथित इनकार करने के मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर निजी कॉलेजों के इस "आर्थिक शोषण" को रोकने और पात्र उम्मीदवारों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
सांसद सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में उच्च अंक और अच्छी रैंक हासिल करने वाले ईडब्ल्यूएस वर्ग के मेधावी छात्रों को प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी और वैधानिक नियमों के तहत इन मेधावी छात्रों को ट्यूशन फीस में छूट मिलना अनिवार्य है, लेकिन कई निजी शिक्षण संस्थान इन छात्रों को 100 प्रतिशत सामान्य फीस देने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिससे ईडब्ल्यूएस आरक्षण और फीस राहत का मूल उद्देश्य ही खत्म हो रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित