बैतूल , जुलाई 31 -- मध्य प्रदेश के बैतूल में भारत मुक्ति मोर्चा एवं भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर शुक्रवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर धरना-प्रदर्शन किया तथा कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने तथा नीट परीक्षा को अधिक पारदर्शी व्यवस्था के तहत आयोजित कराने की मांग की गई। साथ ही नई शिक्षा नीति-2020 में आवश्यक संशोधन और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग भी उठाई गई।
संगठनों ने वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, केंद्र एवं राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती शुरू करने तथा देशभर में समान शिक्षा व्यवस्था और समान शुल्क नीति लागू करने की भी मांग की।
ज्ञापन में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने, छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर कम की गई सीटों को पूर्ववत बहाल करने की मांग भी शामिल है।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। संगठन ने 20 अगस्त को देशभर के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन तथा 22 सितंबर को राज्य स्तरीय महारैली आयोजित करने की घोषणा की।
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