बेंगलुरु , मई 24 -- कर्नाटक में एक 18 वर्षीय नीट अभ्यर्थी भाग्यश्री की मौत के बाद हर तरफ गम और अनसुलझे सवाल हैं।

भाग्यश्री के पिता ने रविवार को कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच वे कभी उस 'दर्द या तकलीफ' को नहीं समझ पाये, जिसे उनकी बेटी खामोशी से सह रही होगी।

आंखों में आंसू लिए राजशेखर ने कहा, "उसने नीट में अच्छा प्रदर्शन किया था और किसी तरह की परेशानी का कोई संकेत नहीं था। शायद परीक्षा में दोबारा बैठने का विचार उसे परेशान कर रहा था। हम कभी उस दर्द को नहीं समझ पाये, जिससे वह गुजर रही थी।" उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि इसके लिए वह किसी को दोष नहीं दे रहे हैं।

पीयूसी (प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स) परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली भाग्यश्री ने अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार के अनुसार, उसके व्यवहार में परेशानी का कोई बाहरी लक्षण नहीं दिख रहा था और घर में सब कुछ सामान्य चल रहा था।

यह दुखद घटना प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के रद्द होने की पृष्ठभूमि में सामने आयी है। इस फैसले के बाद अब लाखों छात्र 21 जून को होने वाली दोबारा होने वाली परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और स्टेशन बाजार पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच चल रही है।

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