जयपुर , मई 13 -- राजस्थान में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा- यूजी (नीट-यूजी) पेपर लीक मामले में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान पर जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें नैतिकता के नाते इस्तीफा दे देना चाहिए।

श्री जूली ने बुधवार को अपने बयान में कहा कि श्री प्रधान को इस नैतिक विफलता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए तथा पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि परीक्षाओं में सेंधमारी क्यों हो रही है और शिक्षा मंत्री विफल क्यों हो रहे हैं। युवाओं के सपनों के साथ यह खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि यह बेहद आश्चर्यजनक है कि जब नीट-यूजी पेपर लीक के तार राजस्थान से जुड़े हैं, तब भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई बयान तक नहीं आया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज तक पीड़ित अभ्यर्थियों को यह विश्वास तक नहीं दिलाया कि जांच निष्पक्ष होगी। प्रदेश का मुखिया होने के नाते उनकी यह चुप्पी अपराधियों को मौन समर्थन देने जैसी है।

विपक्ष के नेता ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले को केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपना महज एक प्रशासनिक खानापूर्ति साबित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार जिस तरह से प्रीमियर एजेंसियों का उपयोग केवल राजनीतिक विरोधियों को कुचलने के लिए करती आई है, उसके मद्देनजर अभ्यर्थियों को न्याय मिलने की उम्मीद धूमिल होती जा रही है। जब मुख्य आरोपियों के संबंध सीधे सत्ताधारी दल के गलियारों से मिल रहे हों, तो क्या यह उम्मीद की जा सकती है कि जांच एजेंसियां निष्पक्षता से काम कर पायेगी।

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