पटना , मई 12 -- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द किए जाने के ममले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुये कहा कि 23 लाख छात्रों के भविष्य के साथ एक बार फिर खिलवाड़ किया गया है।
श्री यादव ने आज बयान जारी कर कहा कि देश में पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित प्रदेशों में एक सामान्य परीक्षा भी बिना पेपर लीक के पारदर्शी तरीके से आयोजित नही हो पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक से सरकार की नीति और नीयत दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब 23 लाख छात्रों को पुनर्परीक्षा देनी पड़ेगी। इसके लिए देशभर के 552 शहरों में स्थित परीक्षा केंद्रों तक दोबारा यात्रा करनी होगी, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल की अतिरिक्त खपत होगी और छात्रों को मानसिक एवं शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केवल औपचारिक जांच कराने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि सरकार को आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया कि क्या सरकार ने इस पूरे मामले के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का आकलन किया है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता जवाबदेही तय करने के बजाय विपक्ष के खिलाफ संस्थाओं का इस्तेमाल करना बन गई है।
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