मुंबई , मई 27 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा शरद गुट) ने मुंबई में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) पेपर लीक घोटाले को लेकर बुधवार को राज्य सचिवालय, मंत्रालय के बाहर आजाद मैदान पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में निजी कोचिंग संस्थानों ने भी हिस्सा लिया।
पेपर लीक मामले में ज़्यादातर आरोपी महाराष्ट्र के होने की बात सामने आने के बाद राजनीतिक और आम लोगों का गुस्सा और भड़क गया। इसके बाद राकांपा के युवा नेता सक्षणा सालगर की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने मंत्रालय के बाहर अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने प्रशासन पर लाखों छात्रों के भविष्य को दांव पर लगाने का आरोप लगाया।
राजनीतिक कार्यकर्ताओं के अचानक इतनी बड़ी संख्या में आने से पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था गड़बड़ा गई। जब सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को हटाने की कोशिश की, तो स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, गुस्साए प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठकर धरने पर बैठ गए। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें पुलिस वैन में भरकर ले गई।
इसी बीच ऐतिहासिक आज़ाद मैदान में निजी कोचिंग संस्थानों के संचालकों ने 'महाराष्ट्र क्लास ओनर्स एसोसिएशन' (एमसीओए) के बैनर तले इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के सदस्यों ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया कि कुछ भ्रष्ट और बड़े कॉर्पोरेट संस्थानों की कथित धांधलियों के कारण पूरे कोचिंग उद्योग को बदनाम किया जा रहा है।
एसोसिएशन ने इस घोटाले से खुद को अलग करते हुए मांग की कि कॉर्पोरेट कोचिंग सेंटरों और जूनियर कॉलेजों के बीच होने वाले गठजोड़ों पर सरकार सख्त नियम लागू करे। उन्होंने यह भी मांग की कि पारंपरिक स्थानीय कोचिंग सेंटरों के मालिकों को भी नियामक ढांचे में प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि वे अपनी दशकों पुरानी साख की रक्षा कर सकें।
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