पुणे , मई 19 -- प्रमुख शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. हुगलेश चलवादी ने कहा है कि देश की सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली नीट परीक्षा का पेपर लीक होने से देश की शीर्ष परीक्षा संस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-ए) के राज्य उपाध्यक्ष और चलवादी शैक्षणिक संस्थान के अध्यक्ष डॉ. चलवादी ने मंगलवार को कहा, "यह केवल एक परीक्षा की गोपनीयता का उल्लंघन नहीं है, बल्कि पूरी शैक्षणिक प्रशासनिक प्रणाली की एक अक्षम्य विफलता है।"डॉ. चलवादी ने कहा कि आरपीआई उन छात्रों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है, जिन्होंने कथित तौर पर नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या कर ली। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्रीय राज्य मंत्री और पार्टी नेता रामदास अठावले पहले ही साफ कर चुके हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंध (राजग) सरकार इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बिल्कुल नहीं बख्शेगी।आरपीआई उपाध्यक्ष ने कहा कि चूंकि इस पूरी धांधली के तार सीधे महाराष्ट्र से जुड़े पाए गए हैं, इसलिए राज्य की शैक्षणिक और सांस्कृतिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
इस मामले के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और राज्य पुलिस ने महाराष्ट्र से कई मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें लातूर से प्रोफेसर पी. वी. कुलकर्णी, लातूर के ही जाने-माने आरसीसी क्लासेस के निदेशक शिवराम मोटेगांवकर, नासिक से शुभम खैरनार, पुणे से मनीषा वाघमारे और मनीषा मंधारे तथा अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे शामिल हैं।
डॉ. चलवादी ने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि व्यवस्था की आंतरिक खामियों, कुछ परीक्षा विशेषज्ञों के धोखे और बढ़ते भ्रष्टाचार के कारण यह गिरोह इतने बड़े पैमाने पर पनपने में कामयाब रहा। उन्होंने कहा कि इसके लिए केवल ऊपरी तौर पर की गई जांच काफी नहीं होगी।
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