नयी दिल्ली , मई 29 -- नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार अगले महीने होने वाली पुनर्परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की सेवाएं लेने की तैयारी कर रही है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार ने वायुसेना से केवल लॉजिस्टिक सहायता मांगी है, ताकि देशभर में प्रश्नपत्रों की सुरक्षित और समयबद्ध ढुलाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि सेना परीक्षा आयोजित करने में किसी प्रकार की भूमिका नहीं निभाएगी।

एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "परीक्षा संचालन के लिए सशस्त्र बलों की आवश्यकता नहीं है। रक्षा मंत्रालय के साथ हमारी चर्चा केवल एक विशेष लॉजिस्टिक चुनौती को लेकर हुई, क्योंकि 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा से पहले हमारे पास समय बहुत कम है।

उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर प्रश्नपत्रों का परिवहन डाक विभाग के जरिए किया जाता है लेकिन हालिया सुरक्षा चूक और मानसून के दौरान समय पर डिलीवरी को लेकर उठी चिंताओं के कारण सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले की परीक्षाओं में भी कई सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू थे और अब निगरानी व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, "प्रश्नपत्रों की छपाई और डिस्पैच से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और फिर मूल्यांकन केंद्रों तक भेजने की पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी में होगी।

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था।

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