रांची , जुलाई 23 -- झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक परीक्षा में हुई गड़बड़ी नहीं, बल्कि देश के लाखों मेहनती छात्र-छात्राओं, उनके माता-पिता और उनके उज्ज्वल भविष्य पर सीधा हमला है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में इस प्रकार की सेंध लगाने वाले लोग केवल कानून के नहीं, बल्कि समाज और देश के भी अपराधी हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ त्वरित जांच कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
डॉ. अंसारी ने कहा कि देश का गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए अपना सुख-चैन तक त्याग देता है। कई माता-पिता अपनी जरूरतें छोड़कर फीस, किताबें और कोचिंग का खर्च उठाते हैं। वर्षों की कठिन मेहनत और संघर्ष के बाद जब परीक्षा होती है और पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो केवल परीक्षा नहीं टूटती बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदें बिखर जाती हैं। कई छात्र गहरे मानसिक तनाव में चले जाते हैं और कुछ तो आत्मघाती कदम उठाने तक मजबूर हो जाते हैं। इसकी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि देश के छात्रों और अभिभावकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए तथा यह भरोसा दिया जाए कि भविष्य में परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से अभेद्य बनाई जाएगी। जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी हुई है, उनमें निष्पक्ष एवं न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी मेहनती विद्यार्थी के साथ अन्याय न हो।
रांची में गोल इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है, लेकिन उनका मन उन लाखों छात्रों के दर्द से भी व्यथित है जिनके सपनों पर पेपर लीक की घटनाओं ने चोट पहुंचाई है।
उन्होंने कहा कि 28 वर्षों की अपनी गौरवशाली यात्रा में गोल इंस्टीट्यूट के लगभग 18,000 विद्यार्थी नीट परीक्षा में सफल होकर आज भारत और विदेशों में चिकित्सक के रूप में मानवता की सेवा कर रहे हैं। यह किसी भी संस्थान के लिए असाधारण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के नीट परिणामों में गोल इंस्टीट्यूट का प्रदर्शन अत्यंत उत्कृष्ट रहा है, जो केवल संस्थान की उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है।
डॉ. अंसारी ने संस्थान के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बिपिन कुमार सिंह तथा पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का कार्य किया है और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ऐसे संस्थानों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. अंसारी ने कहा कि "मैं स्वयं एक डॉक्टर हूं। मैं जानता हूं कि डॉक्टर बनने का सपना कितना कठिन होता है और उसे पूरा करने के लिए कितने वर्षों की मेहनत, अनुशासन और त्याग करना पड़ता है। इसलिए मैं इन विद्यार्थियों के संघर्ष और उनके हर पल को समझता हूं।"उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें, अनुशासन और मेहनत को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं तथा टीम भावना के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा, "जीवन में गोल तभी होगा, जब हम टीम भावना के साथ आगे बढ़ेंगे।"स्वास्थ्य मंत्री ने विद्यार्थियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि "आप केवल अपने परिवार का नहीं, बल्कि पूरे राज्य का भविष्य हैं। आपकी पढ़ाई, आपका संघर्ष और आपकी सफलता झारखंड की पहचान बनेगी। आपके लिए मुझे जो भी करना पड़ेगा, मैं करूंगा। जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहायता भी दूंगा और समाज में आपको आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करूंगा। मेरा दरवाजा हमेशा आपके लिए खुला है।"कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कई अभिभावकों ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी सफलता से वंचित रह गए। उन्होंने आग्रह किया कि ऐसे बच्चों को न्याय दिलाने के लिए सरकार प्रभावी पहल करे, ताकि मेहनत करने वाले किसी भी विद्यार्थी का भविष्य बर्बाद न हो।
इस पर डॉ. अंसारी ने कहा कि वे छात्रों और अभिभावकों की इस पीड़ा को पूरी गंभीरता से समझते हैं तथा युवाओं के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिभा के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार राज्य में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है ताकि राज्य के अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि वर्षों तक झारखंड की चिकित्सा शिक्षा की उपेक्षा हुई, लेकिन अब महागठबंधन सरकार इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिलेगा। अंत में डॉ. अंसारी ने नीट परीक्षा में सफल सभी विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रांची की महापौर रोशनी खालको, बिपिन कुमार सिंह - अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, गोल इंस्टीट्यूट, डॉ. ए. एन. शाहदेव - एसोसिएट प्रोफेसर, रांची विश्वविद्यालय, फादर अजय अनिल तिर्की - प्राचार्य, सेंट जेवियर्स इंटरमीडिएट कॉलेज, रांची, डॉ. शिशिर कुमार - सहायक प्राध्यापक, फिजियोलॉजी विभाग, रिम्स, रांची, डॉ. प्रशांत कुमार - निदेशक, पैनेसिया हॉस्पिटल, रांची रहे। इसके अलावा शिक्षाविदों, चिकित्सकों, जनप्रतिनिधियों, गोल इंस्टीट्यूट के प्रबंधन, शिक्षकगण, अभिभावकों तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
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