जयपुर , मई 15 -- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा-यूजी (नीट-यूजी) पेपर लीक मामले में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा है कि इस मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) या उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए।

श्री डोटासरा ने शुक्रवार को यहां प्रेस वार्ता यह मांग की। उन्होंने क्योंकि इस मामले में जांच कर रही केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पर केन्द्र सरकार का अंकुश है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिये कांग्रेस पार्टी सडक़ से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में विधानसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेपर लीक को एक बड़ा मुद्दा बनाया था और पेपर लीक माफिया को पाताल से खोज निकालने एवं खत्म करने की बात कही थी, इसी प्रकार देश के गृहमंत्री ने भी पेपर लीक को रोकने का वादा किया था किन्तु नीट-2026 परीक्षा का पेपर राजस्थान से ही लीक हो गया, जिसमें भाजपा के नेता शामिल पाये गये और वे कह रहे हैं कि बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षा मंत्री इस मुद्दे पर कहते हैं कि पेपर लीक हो गया तो क्या हुआ वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ नीट पेपर लीक को केरल से श्रीगणेश होना, इस तरह बता रहे हैं जैसे कोई शुभ काम हुआ हो, भाजपा नेता जो नीट-2026 के परीक्षा पेपर लीक में शामिल पाया जाकर गिरफ्तार हुआ है और जांच में बड़े नेताओं को बचाया जा रहा है, जैसे आरोप लगा रहा है, से जानकारी मिली है कि नीट-2025 का पेपर भी राजस्थान में लीक हुआ था।

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