मोतिहारी , जुलाई 22 -- नीट पेपर लीक के विरोध में बुधवार की शाम बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में छात्रों ने एम.एस. कॉलेज से कचहरी चौक तक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे भूख हड़ताल और सोनम वांग्चुक के समर्थन में एकजुटता भी व्यक्त की।

मार्च में शामिल छात्र नेता संतोष कुमार ने कहा कि नीट पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि मोतिहारी के छात्र जंतर-मंतर पर चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन और सोनम वांग्चुक के समर्थन में खड़े हैं।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, मार्च से पूर्व प्रशासन को इसकी सूचना दी गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा। मार्च के दौरान छात्रों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया और दो मिनट का मौन रखकर प्रभावित अभ्यर्थियों के बेहतर भविष्य की कामना की।

एक छात्र प्रतिनिधि ने कहा कि वर्षभर की मेहनत के बाद पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्रों का विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग केवल निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और न्याय की है।

इस अवसर पर छात्रों ने पांच सूत्री मांग पत्र भी जारी किया। इसमें नीट पेपर लीक की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी कानून बनाने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग शामिल है।

कचहरी चौक पर मार्च के समापन के बाद छात्रों ने संविधान की प्रति के समक्ष लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। आयोजकों ने शिक्षकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से भी इस मुद्दे पर छात्रों का समर्थन करने की अपील की।

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