पटना , मार्च 11 -- बिहार की राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में बुधवार को बालकों का लैंगिक अपराध से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) की विशेष अदालत में हॉस्टल मलिक की नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई जारी रही।

पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश राजीव रंजन रमन की अदालत में मामले के जेल में बंद अभियुक्त एवं शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए आज तिथि निश्चित थी। सुनवाई के दौरान पुलिस ने आरोपित को जेल से लाकर अदालत के समक्ष पेश किया था। अदालत ने सुनवाई के दौरान बिहार पुलिस के अनुसंधानकर्ता और केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अनुसंधानकर्ता से अनुसंधान से संबंधित कई सवाल किये, लेकिन कोई भी अनुसंधानकर्ता अदालत के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।

अदालत ने सीबीआई के अनुसंधानकर्ता से यह भी पूछा कि जब आरोपित गैर कानूनी रूप से जेल में बंद है तो इसका मुआवजा कौन देगा। इस पर अनुसंधानकर्ता ने कोई जवाब नहीं दिया। अदालत ने बारी -बारी से अनुसंधानकर्ताओं एवं सभी पक्षों के अधिवक्ताओं से सवाल जवाब किया और जवाबों का मिलान किया। अदालत ने आरोपित से भी कई सवाल किये, जिसका जवाब आरोपित भी संतोषजनक नहीं दे सका। पीड़िता के अधिवक्ता ने धमकी संबंधी आंडियो अदालत को सुनाया। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी पर सुनवाई की अगली तिथि 12 मार्च 2026 को निश्चित की है।

गौरतलब है कि नौ जनवरी 2026 को पटना के चित्रगुप्त नगर थाना की पुलिस ने मृतका के पिता के फर्दबयान पर मामला दर्ज किया था। आरोप के अनुसार मृतका अपने हॉस्टल में बेहोश पायी गयी थी। मृतका के पिता ने अपनी पुत्री के शरीर पर चोट का निशान पाये जाने की बात कही थी। साथ ही, उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने का प्रयास किये जाने का भी शक जाहिर किया था। बाद में इलाज के दौरान छात्रा की मृत्यु अस्पताल में हो गई थी। बिहार सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा की थी। जिसके बाद सीबीआई अपनी प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

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