लखनऊ , फरवरी 12 -- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा है कि निषादराज की पावन धरती श्रृंगवेरपुर को शीघ्र ही राष्ट्रीय पहचान का गौरव मिलेगा। उन्होंने बताया कि यहां निर्माणाधीन निषादराज गुह्य सांस्कृतिक केंद्र का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए कार्य तेजी से जारी है।

गुरुवार को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह वही पवित्र स्थल है जहां भगवान राम और निषादराज गुह्य का ऐतिहासिक मिलन हुआ था, जिसने भारतीय संस्कृति को समानता, समरसता और सच्ची मित्रता का संदेश दिया। इस सांस्कृतिक केंद्र के माध्यम से उस दिव्य प्रसंग को आधुनिक तकनीक और प्रस्तुति के जरिए जीवंत किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ सके।

उन्होंने बताया कि करीब 19.61 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस केंद्र में अत्याधुनिक म्यूजियम ब्लॉक तैयार किया जा रहा है, जहां राम-निषाद मिलन की कथा चित्रों और प्रदर्शनों के माध्यम से दिखाई जाएगी। संग्रहालय का ढांचा तैयार हो चुका है और फिनिशिंग कार्य अंतिम चरण में है जबकि परियोजना में लगभग 400 दर्शकों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम भी बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त परिसर में लैंडस्केपिंग, स्टोन क्लैडिंग, बाउंड्री वॉल, वर्षा जल संचयन, इंटरलॉकिंग मार्ग, अंडरग्राउंड टैंक और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

जयवीर सिंह ने कहा कि यह केंद्र न केवल आस्था और इतिहास का प्रतीक बनेगा, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खोलेगा। इससे श्रृंगवेरपुर को अयोध्या की तर्ज पर विकसित कर राष्ट्रीय मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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