चेन्नई , सितंबर 10 -- तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले विदेश दौरे पर सी. जोसेफ विजय गुरुवार रात इंग्लैंड की राजधानी लंदन के लिए रवाना होंगे।
उनका उद्देश्य बड़े विदेशी निवेश को आकर्षित करना और 2036 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के साथ औद्योगिक एवं आर्थिक विकास तथा रोजगार सृजन को गति देना है।
करीब एक सप्ताह की यात्रा पर श्री विजय के लंदन पहुंचने से पहले कुछ मंत्री और अधिकारी आवश्यक तैयारियों तथा संभावित निवेशकों के साथ बैठकों के समन्वय के लिए वहां पहुंच चुके हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ श्री विजय आज रात दुबई के रास्ते लंदन रवाना होंगे। इस दौरान उनके यूरोपीय देशों के उद्योगपतियों से मुलाकात करने और तमिलनाडु के लिए निवेश आकर्षित करने की संभावना है।
लंदन यात्रा के दौरान श्री विजय यूरोप के प्रमुख कारोबारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करेंगे तथा उन्हें तमिलनाडु में नये उपक्रम स्थापित करने और अधिक निवेश के साथ मौजूदा कारोबार के विस्तार की संभावनाएं तलाशने के लिए आमंत्रित करेंगे। वह नये कारोबारों के साथ-साथ विनिर्माण, ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्रों में निवेश के लिए तमिलनाडु को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में भी पेश करेंगे।
श्री विजय के 16 सितंबर को चेन्नई लौटने की संभावना है।
श्री विजय की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब उनकी सरकार ने सत्ता संभालने के 100 दिनों के भीतर एक लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है। सरकार ने 13 अगस्त को आयोजित पहले 'वेट्री तमिलनाडु इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव-2026' में यह उपलब्धि हासिल की। इस सम्मेलन में तमिलनाडु सरकार ने रिकॉर्ड 97 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये, जिनमें 67,452 करोड़ रुपये के निवेश और 1,06,998 रोजगार के अवसरों का प्रावधान किया गया।
इसके साथ ही सरकार ने पहली बार सत्ता संभालने के केवल 100 दिनों के भीतर एक लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का रिकॉर्ड बनाया।
सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों और 20 जिलों में होने वाले ग्रीनफील्ड तथा ब्राउनफील्ड निवेश से संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये। रिकॉर्ड निवेश तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने के आर्थिक लक्ष्य के अनुरूप है। नीति आयोग के अधिकारियों ने भी दीर्घकालिक विकास की स्पष्ट दृष्टि के लिए राज्य की सराहना की है।
सम्मेलन में श्री विजय सरकार की 100 दिनों की उपलब्धियां बताते हुए उद्योग मंत्री एस. कीर्तना ने कहा कि कुल 104 एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये हैं, जिनमें 1,02,514 करोड़ रुपये के निवेश और 1,21,788 रोजगार के अवसरों का प्रावधान है। इन परियोजनाओं में 15 से अधिक देशों की कंपनियां शामिल हैं, जिनमें जर्मनी, जापान, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका शामिल हैं। इससे तमिलनाडु को वैश्विक निवेश के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य के रूप में पेश करने का मजबूत संदेश गया है।
प्रमुख उद्योगों को स्थापित करने या मौजूदा कारोबार का विस्तार करने के लिए पड़ोसी आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच श्री विजय का यह दौरा और महत्वपूर्ण हो गया है। उनके पूर्ववर्ती एम.के. स्टालिन ने भी तमिलनाडु में विदेशी निवेश हासिल करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी के अलावा खाड़ी देशों का दौरा किया था। हाल ही में तेलंगाना के श्री विजय रेवंत रेड्डी भी इसी तरह की ब्रिटेन यात्रा से लौटे हैं।
महत्वपूर्ण रूप से, तमिलनाडु का ब्रिटेन के साथ निवेश संपर्क ऐसे समय में हो रहा है जब ब्रिटेन-भारत मुक्त व्यापार समझौता, जो अपने समय के सबसे बड़े व्यापार समझौतों में से एक है, 15 जुलाई से लागू हुआ है। यह मुक्त व्यापार समझौता निवेश और वस्तुओं तथा सेवाओं तक आसान पहुंच की सुविधा प्रदान करता है।
तमिलनाडु के प्रमुख ऑटोमोबाइल और विनिर्माण केंद्र होने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अग्रणी होने के कारण इस समझौते के तहत शुल्क में कमी से राज्य के निवेश के लिए अधिक आकर्षक गंतव्य बनने की उम्मीद है।
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