श्रीगंगानगर , मई 07 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में नारकोटिक्स तस्कर सिंडिकेट के साथ गहरे ताल्लुकात रखने और करीब 11 किलो हेरोइन सहित पांच तस्करों को पकड़ने के अभियान के दौरान पुलिस को गुमराह करने के मामले में निलंबित हवलदार मंगतराम के और कई कारनामे अब सामने आने लगे हैं।
पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि हवलदार मंगतराम न केवल तस्करों की मदद कर रहा था, बल्कि उन्नति के लिये निर्दोषों को फंसाने और अभियान में सक्रिय पुलिस दलों को उनके स्थान की गलत जानकारी देने जैसी गंभीर गतिविधियों में भी शामिल था।
सू्त्रों ने बताया कि 26 मार्च को जब जिला पुलिस, सीआईडी और अन्य एजेंसियां पदमपुर से लेकर रावला थाना क्षेत्र में पाकिस्तान ड्रोन से गिराई गई करीब 11 किलो हेरोइन की खेप के साथ पांच तस्करों को पकड़ने के अभियान में जुटी थी, उसी दौरान हवलदार मंगतराम अपना अलग ही खेल खेल रहा था।
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी तस्करों ने रात्रि के समय सीमावर्ती क्षेत्र में ड्रोन से हेरोइन गिराई थी। ऑपरेशन के दौरान रावला थाना प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर बलवंत पहले से अवकाश पर थे, इसलिए पदमपुर थाना प्रभारी सुमन जयपाल को रावला थाना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। मगर मंगतराम को इसकी जानकारी नहीं थी। उसने सीधे थाना प्रभारी बलवंत से मोबाइल पर संपर्क किया और बताया कि पकड़े गए तस्करों में शामिल हरमेश उर्फ जोरा पुलिस का सूत्र है, इसलिए उसे छोड़ दिया जाए। जब बलवंत ने पलटकर पूछा कि क्या जिला मुख्यालय के उच्च अधिकारियों का निर्देश है, तो मंगतराम कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। बाद में पूरे अभियान की समीक्षा के दौरान यह फोन कॉल उजागर हो गया। हरमेश उर्फ जोरा, केसरीसिंहपुर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव धनूर का निवासी, जिले का शातिर तस्कर है। मंगतराम ने उच्च अधिकारियों से बात किए बिना ही उसे छुड़वाने की कोशिश की। आगे की जांच में और बड़े खुलासे हुए।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हवलदार मंगतराम पिछले काफी समय से हरमेश के निरंतर संपर्क में था। इसी के जरिए उसने कुछ माल पकड़वाकर पुलिस महकमे में अपनी अच्छी छवि बनाई, लेकिन वह इसकी आड़ में तस्करों के साथ मिलकर अपना अलग खेल खेलता रहा।
जिला पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि हवलदार मंगतराम का आचरण बहुत गंभीर रूप से सामने आ रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की जांच पूरी होने के बाद उसकी गिरफ्तारी और नौकरी से बर्खास्तगी की पूरी संभावना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय आर.पी. शर्मा की जांच अभी चल रही है।
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