राजनांदगांव , सितंबर 11 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के गैंदाटोला हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्रा से कथित छेड़छाड़ के मामले में कार्रवाई में लापरवाही के आरोप में निलंबित थाना प्रभारी और सहायक उप निरीक्षक के अब भी थाने में मौजूद रहने को लेकर पुलिस की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बीते छह सितंबर को गैंदाटोला थाना प्रभारी राजेश साहू और सहायक उप निरीक्षक मेघनाथ सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र से संबद्ध करने का आदेश जारी किया था। निलंबन आदेश में नाबालिग से जुड़े गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं करने तथा लापरवाही और संवेदनहीनता बरतने का उल्लेख किया गया था।

आदेश के मुताबिक दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबन अवधि में बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने और रक्षित केंद्र की निर्धारित गणना में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। स्थानीय स्तर पर हालांकि यह दावा किया जा रहा है कि आदेश जारी होने के कई दिन बाद भी दोनों अधिकारी थाने में मौजूद हैं। थाने में नए थाना प्रभारी और संबंधित पद पर नईपदस्थापना नहीं होने की बात भी सामने आई है। इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।

इस बारे में डोंगरगांव की अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मंजूलता बाज से संपर्क किए जाने पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ही जानकारी दे पाएंगी।

पंकज उप्रेतीवार्ताइसी प्रकरण में स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गैंदाटोला के प्राचार्य विनोद कुमार मंडलोई को भी निलंबित किया है। विभागीय आदेश में संस्था प्रमुख के रूप में गंभीर घटनाक्रम की जानकारी होने के बावजूद उच्च कार्यालय को सूचित नहीं करने को लापरवाही माना गया है।

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