चंडीगढ़ , सितंबर 27 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने रविवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के आरोपों पर निशाना साधते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग के संयुक्त बयान ने उनके द्वारा खड़े किये गये 'विवाद' को स्पष्ट कर दिया है।
श्री ढिल्लों ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर और अन्य प्रमुख परिचालन संबंधी फैसले तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी से लिये गये हैं। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर की पूर्ण बैठक के बाद आयोग ने बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिये गये थे। आयोग ने यह भी कहा है कि 24 जून 2025 से जारी एसआईआर संबंधी आदेशों को पूर्ण आयोग की मंजूरी प्राप्त थी।
श्री ढिल्लों ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेद होने की धारणा बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन अपुष्ट आरोप लगाकर संस्थाओं के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कैबिनेट सचिव को भेजे गये पत्र को लेकर उठाये गये सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। श्री ढिल्लों के अनुसार, आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह पत्र प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी से जुड़े आंतरिक प्रशासनिक मामले से संबंधित था और इसका आयोग की नीतियों, सूचना प्रौद्योगिकी प्रभाग या एसआईआर प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं था।
भाजपा नेता ने कहा कि निर्णय प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग सवाल या सुझाव उठना अंतिम निर्णय पर असहमति के समान नहीं है। उनके अनुसार, आयोग ने स्पष्ट किया है कि मसौदा तैयार करने के दौरान दिये गये सुझाव सामान्य विचार-विमर्श का हिस्सा थे और अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिये गये।
श्री ढिल्लों ने विपक्ष द्वारा निर्वाचन आयोग और भाजपा के बीच कथित मिलीभगत के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने विपक्षी दलों से मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाने में निर्वाचन अधिकारियों का सहयोग करने तथा पात्र नागरिकों को मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आयोग ने जमीनी स्तर पर अधिकारियों के माध्यम से मतदाता पंजीकरण और भागीदारी बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाये जाने की भी जानकारी दी है। श्री ढिल्लों ने कहा कि राजनीतिक दलों को तथ्यों के आधार पर सवाल उठाने चाहिए और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाये रखने में सहयोग करना चाहिए।
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