पटना , अगस्त 06 -- हकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने गुरुवार को राज्य में संचालित सहकारिता संबंधी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाए। शास्त्री नगर स्थित डी.एन.एस. क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान में आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. भूटानी ने कहा कि लाभार्थियों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए सतत मॉनिटरिंग, डिजिटलीकरण और विभागीय समन्वय को और मजबूत किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि "सहकारिता से समृद्धि" के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जवाबदेही, पारदर्शिता और परिणामोन्मुख कार्यसंस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने बिहार में वेजफेड की स्थापना, बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026 के क्रियान्वयन, नई सहकारी समितियों के गठन तथा सहकारी क्षेत्र में किए गए अन्य कार्यों की सराहना करते हुए राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों, चुनौतियों और भावी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (एम-पैक्स), डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों के गठन, पैक्सों के व्यावसायिक विविधीकरण, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस, पैक्स कंप्यूटरीकरण, गोदाम निर्माण, खाद्यान्न अधिप्राप्ति, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), मधुक्रांति तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
डॉ. भूटानी ने सहकारी बैंकों को नाबार्ड के तकनीकी सहयोग का अधिकतम लाभ उठाने, पैक्सों के माध्यम से अधिकाधिक किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने तथा माइक्रो एटीएम के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में डोर-स्टेप बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने डेयरी सहकारी समितियों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने और किसानों तक वित्तीय सेवाओं का विस्तार करने पर भी जोर दिया। साथ ही नेफेड एवं एनसीसीएफ को पैक्सों के माध्यम से ही दलहन अधिप्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में गोदाम निर्माण कार्यों में तेजी लाने, भंडारण अवसंरचना को मजबूत करने तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों और प्रशासनिक चुनौतियों की जानकारी दी। समीक्षा के दौरान महिला समूहों, ग्रामीण उद्यमियों और प्राथमिक सहकारी समितियों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने, नियमित मॉनिटरिंग, क्षमता विकास तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, निबंधक सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह सहित बिहार राज्य सहकारिता बैंक, एनसीडीसी, एनसीसीएफ, नेफेड, एनडीडीबी और इफको के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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