नयी दिल्ली , अक्टूबर 23 -- सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने नियमित रूप से प्रकाशित किये जाने वालेश्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के लिए नमूनों के स्वरूप में प्रस्तावित संशोधनों पर सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। मंत्रालय के अनुसार पीएलएफएस 2026 के अनुभव से पता चला कि मौजूदा व्यवस्था में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या शामिल नहीं थी। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक नई दूसरी श्रेणी (एसएसएस) शुरू की जा रही है जबकि मौजूदा एसएसएस संरचना और घटक को बरकरार रखा गया है। मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने पीएलएफएस के नमूना डिजाइन में जनवरी 2027 से संशोधन करने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत 2027-2028 की दो वर्षीय अवधि (नया पैनल 6) के लिए नए नमूने एक अद्यतन नमूना व्यवस्था के तहत संग्रहीत किये जाएंगे। इसके अलावा सर्वेक्षण अनुसूची में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। इस संबंध में एक अवधारणा नोट मंत्रालय के वेबसाइट पर रखा गया है।

शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस अवधारणा पर 15 दिन के अंदर सुझाव और टिप्पणियां प्रस्तुत की जा सकेंगी। उल्लेखनीय है कि एनएसओ श्रम बाजार के समयोचित और विस्तृत आंकड़ों की मांग को लेकर 2017 से नियमित अवधि के साथ श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) करता आ रहा है।

जनवरी 2025 से पीएलएफएस के नमूना डिजाइन को संशोधित किया गया ताकि मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक अनुमान उपलब्ध कराए जा सकें और उप-राज्य स्तर पर संकेतकों का आकलन किया जा सके। शिक्षा और कौशल विकास से संबंधित प्रश्न भी इसमें शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही जनवरी 2026 से प्रायोगिक आधार पर गिग वर्कर्स के एक उपसमूह, डिजिटल प्लेटफॉर्म वर्कर्स के बारे में भी जानकारी एकत्र की जा रही है।

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