दुर्ग , मार्च 22 -- छत्तीसगढ़ में कार्यरत प्रांतीय अतिथि शिक्षकों (विद्यामितान) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को दुर्ग में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में शिक्षक यहां एकत्रित होकर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास तक पहुंचे और घेराव कर अपनी समस्याएं सामने रखीं।

इस प्रदर्शन में सरगुजा, कांकेर सहित कई जिलों से आए शिक्षकों की भागीदारी रही। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से नियमित शिक्षकों के समान शैक्षणिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें न तो स्थायी नियुक्ति मिल रही है और न ही समान वेतन का लाभ।

प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंत्री निवास के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई, हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिथि शिक्षकों को हटाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है और इस संबंध में फैली आशंकाएं निराधार हैं।

मंत्री ने बताया कि शिक्षकों के मानदेय निर्धारण का विषय उनकी योग्यता के आधार पर विचाराधीन है। साथ ही इस मुद्दे पर कैबिनेट स्तर पर चर्चा कर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया गया।

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