रायपुर , मई 29 -- छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादी प्रभावित और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 'नियद नेल्लानार 2.0' अभियान शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। योजना के तहत वामपंथी उग्रवाद से मुक्त क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और सुघ्घर छत्तीसगढ़ योजनाओं की प्रगति एवं कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि नियद नेल्लानार योजना के प्रथम चरण में बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिलों के सुरक्षा शिविरों के आसपास स्थित गांवों में 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार किया गया था। दूसरे चरण में योजना का दायरा बढ़ाते हुए 31 व्यक्तिगत हितग्राही योजनाएं, 14 सामुदायिक सुविधाएं और 10 आवश्यक सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएंगी।
अभियान के तहत पात्र ग्रामीणों को मनरेगा जॉब कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन, आंगनबाड़ी एवं पोषण सेवाएं, जननी सुरक्षा योजना, मिशन इंद्रधनुष, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, महतारी वंदन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, जनधन योजना, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, मतदाता पहचान पत्र तथा विभिन्न प्रमाण पत्रों का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
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