नैनीताल , सितंबर 11 -- उत्तराखंड के नैनीताल में जलजनित रोगों और पीलिया के बढ़ते मामलों के बीच निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. के.के. अग्रवाल ने शुक्रवार को पीलिया प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महामारी की रोकथाम के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री अग्रवाल ने क्षेत्रों को जोखिम के स्तर के अनुसार बांटकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सघन निगरानी रखने और पेयजल नमूनों की जांच प्राथमिकता पर कराने, मध्यम जोखिम वाले क्षेत्रों में नियमित अनुश्रवण एवं स्वास्थ्य परीक्षण जारी रखने तथा निम्न जोखिम वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतते हुए स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।

उन्होंने अधिकारियों को सभी पेयजल स्रोतों के क्लोरीनीकरण के साथ ही जनता को प्रेरित करने तथा दूषित जल से बचाव के लिए व्यापक सूचना-शिक्षा-संचार (आईईसी) गतिविधियां चलाने के निर्देश दिए हैं, जिसमें पानी को 15 मिनट उबालकर एवं ठंडा कर पीने, साबुन से हाथ धोने और घर के आसपास जलभराव न होने देने के लिए लोगों को जागरूक करना शामिल है।

इसके साथ ही उन्होंने जिला व ब्लॉक स्तर पर गठित रैपिड रिस्पॉन्स टीम-जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी/डीआईओआरटी) को अलर्ट मोड पर रखने और क्लस्टर की सूचना मिलते ही महामारी विशेषज्ञ, चिकित्सक व पैथोलॉजिस्ट की टीम से तत्काल निरोधात्मक व उपचारात्मक कार्रवाई कराने को कहा गया है। सभी पीलिया रोगियों की अनिवार्य लाइन-लिस्टिंग करने, नए एवं पुराने रोगियों का पृथक अभिलेख रखने तथा सरकारी व निजी इकाइयों को रोगियों की जानकारी आईएचआईपी-आईडीएसपी पोर्टल पर प्रतिदिन दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। किसी भी अप्रत्याशित वृद्धि या मृत्यु की स्थिति में नियमानुसार डेथ ऑडिट कराने को भी कहा गया है।

चिकित्सा निदेशक ने संबद्ध चिकित्सालयों में पीलिया की त्वरित जांच एवं उपचार के लिए अलग से विशेष क्लिनिक/डेस्क स्थापित करने और वहां से दैनिक रिपोर्ट निदेशक कार्यालय एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जीवनरक्षक दवाइयों व सहायक औषधियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इसके अलावा उन्होंने जल संस्थान के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित क्षेत्रों के प्रमुख पेयजल स्रोतों की नियमित वॉटर सैंपलिंग एवं प्रयोगशाला जांच तथा आपूर्ति से पूर्व सुपरक्लोरीनेशन सुनिश्चित करने और नगर निगम, पंचायती राज व ग्राम विकास समिति को साथ लेकर स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। हल्द्वानी क्षेत्र के सभी निजी चिकित्सालयों व क्लीनिकों को भी पीलिया व जलजनित रोगों की निगरानी रखते हुए सभी मामलों की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है।

उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल को संक्रमण नियंत्रण के लिए अब तक किए गए उपायों तथा भावी कार्ययोजना की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जल संस्थान अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में भी पेयजल स्रोतों की स्वच्छता, नियमित क्लोरीनीकरण, त्रि-स्तरीय वर्गीकरण, सैंपलिंग और निगरानी को लेकर निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि नैनीताल से सटे ज्योलिकोट क्षेत्र में आधा दर्जन गांवों में पिछले कुछ समय से संक्रमण फैलने के चलते सैकड़ों लोग गंभीर रूप से बीमार हैं। दो लोगों की मौत हो गई है। उच्च न्यायालय में भी मामला गया है। इससे सरकार और प्रशासन सकते में है।

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