मुंबई , मई 25 -- महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) से पहले यह सुझाव देकर एक विवाद खड़ा कर दिया है कि मुसलमानों को इस अवसर पर पारंपरिक पशु बलि या कुर्बानी देने के बजाय आभासी (वर्चुअल) रूप से यह त्योहार मनाना चाहिये।
श्री राणे ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान हिंदू त्योहारों के दौरान जारी की जाने वाली पर्यावरण संबंधी सलाहों और ईद-उल-अजहा के दौरान निभाई जाने वाली रस्मों के बीच तुलना की। होली और दिवाली के त्योहारों का जिक्र करते हुए उन्होंनेकहा कि हिंदुओं से अक्सर धुएं, रासायनिक और ध्वनि प्रदूषण से बचने के लिए पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर त्योहार मनाने का आग्रह किया जाता है।
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