चंडीगढ़ , जून 23 -- पंजाब आम आदमी पार्टी (आप), के महासचिव एवं पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष हरचंद सिंह बरसट ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पंजाब दौरे को महज एक राजनीतिक 'फोटो सेशन' करार देते हुए केंद्र सरकार पर पंजाब के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व के पास पंजाब के विकास, किसानों की बेहतरी और राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए कोई ठोस योजना या एजेंडा नहीं है। मंगलवार को यहां जारी बयान में श्री बरसट ने कहा कि भाजपा नेता केवल राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब का दौरा कर रहे हैं, जबकि राज्य से जुड़े अहम मुद्दों पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पंजाब का लगभग 9,821 करोड़ रुपये का ग्रामीण विकास निधि (आरडीएफ) रोक रखा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री नवीन ने अपने दौरे के दौरान इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं बोला। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र पर पंजाब के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) हिस्से के भुगतान में देरी कर राज्य को आर्थिक रूप से कमजोर करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार आरडीएफ सहित पंजाब के सभी लंबित धन तत्काल जारी करे। उन्होंने कहा कि पंजाब में आयी भीषण बाढ़ के दौरान राज्य सरकार ने केंद्र से 20 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की थी। केंद्र ने 1,600 करोड़ रुपये देने की घोषणा तो की, लेकिन राज्य को उसका लाभ नहीं मिला।

आप नेता ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए कोई ठोस रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों से किये गये कई वादों से पीछे हट चुकी है। किसान आंदोलन के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक उसे पूरा नहीं किया गया। साथ ही किसान नेताओं पर दर्ज मामले वापस नहीं लिये गये और आंदोलन के दौरान क्षतिग्रस्त ट्रैक्टरों के लिए कोई मुआवजा भी नहीं दिया गया।

श्री बरसट ने मनरेगा योजना में किये गये बदलावों को भी पंजाब के मजदूरों के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि इन संशोधनों के कारण राज्य के श्रमिकों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कुछ राज्यों में पंजाबियों के साथ भेदभाव की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेष रूप से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पंजाबियों को निशाना बनाये जाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने सामाजिक सौहार्द बनाये रखने के लिए कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है।

उद्योगों के मुद्दे पर श्री बरसट ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के औद्योगिक विकास के लिए कोई विशेष नीति नहीं बनायी है। पड़ोसी राज्यों को विभिन्न रियायतें देकर उद्योगों को वहां स्थापित होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे पंजाब का औद्योगिक आधार प्रभावित हो रहा है और रोजगार के अवसरों पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों, विशेषकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए कर रही है और विपक्षी दलों के नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

श्री सिंह ने कहा कि श्री नवीन के पंजाब दौरे से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा के पास पंजाब की कृषि, उद्योग, आर्थिक अधिकारों और समग्र विकास को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी सरकार राज्य के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है और जनता उसके कामकाज से संतुष्ट है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनावों में जनता एक बार फिर आम आदमी पार्टी को समर्थन देगी।

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