नयी दिल्ली , अप्रैल 10 -- केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को निर्माण और अवसंरचना क्षेत्र में नवाचार, उन्नत प्रौद्योगिकी और सतत पद्धतियों को अपनाने पर जोर देते हुए वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
श्री गडकरी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित 17वें सीआईडीसी विश्वकर्मा पुरस्कार एवं 'विकसित भारत 2047' प्रदर्शनी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 17वें सीआईडीसी विश्वकर्मा पुरस्कार के विजेताओं को सम्मानित किया और विश्वास जताया कि निर्माण क्षेत्र के पेशेवर 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
श्री गडकरी ने कहा कि ज्ञान को संपदा में बदलने के लिए नवाचार, उद्यमिता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि लगातार तकनीकी बदलावों के चलते निर्माण क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें आधुनिक तरीकों को अपनाना समय की मांग है। उन्होंने निर्माण लागत कम करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि नई तकनीकों और बेहतर प्रक्रियाओं के जरिए कार्यक्षमता बढ़ाई जा सकती है और परियोजनाओं की लागत घटाई जा सकती है। इसमें समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन के लिए त्वरित निर्णय, बेहतर योजना और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है।
श्री गडकरी ने ने भूमि अधिग्रहण और वैधानिक स्वीकृतियों जैसी पूर्व-आवश्यकताओं को समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं में देरी से परियोजनाओं की समयसीमा और ठेकेदारों की वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ता है।
श्री गडकरी ने सतत विकास की दिशा में जैव ईंधन, बायोमास आधारित ईंधन और अन्य वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ाने की अपील की। उन्होंने सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरे और पुराने टायरों के पुनर्चक्रण जैसे 'वेस्ट-टू-वेल्थ' मॉडल को अपनाने की भी वकालत की।
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