गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 08 -- उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के बाद स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए नए नियम लागू कर दिए हैं।
बुधवार को आदेश जारी करते हुए जिलाधिकारी ने यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कोई भी निजी स्कूल पांच वर्षों तक अपनी स्कूल ड्रेस में बदलाव नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही हर साल पाठ्यक्रम बदलने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगा दी गई है, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
आदेश के अनुसार स्कूल किसी भी अभिभावक को यह बाध्य नहीं कर सकेंगे कि वे किताबें या यूनिफॉर्म किसी एक तय दुकान या वेंडर से ही खरीदें। अभिभावक अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार कहीं से भी सामान खरीद सकेंगे।
प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त दंड का प्रावधान भी किया है। पहली बार उल्लंघन पर एक लाख का जुर्माना, दूसरी बार पांच लाख का जुर्माना तथा तीसरी बार स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा अभिभावकों की शिकायतों के समाधान के लिए टोल-फ्री नंबर और ईमेल आईडी भी जारी की गई है। अब अभिभावक सीधे प्रशासन को स्कूलों की शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अभिभावकों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन द्वारा इस फैसले को सख्ती से लागू कराने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दे दिए गए हैं।
इस निर्णय के बाद जिले के लाखों अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
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