नैनीताल , मई 04 -- उत्तराखंड के नैनीताल जिले में निजी स्कूलों की मनमानी पर जिला प्रशासन का रुख दिनोंदिन सख्त होता जा रहा है। प्रशासन ने कई ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन को जनसुनवाई के दौरान निजी विद्यालयों की मनमानी के खिलाफ लगातार शिकायत मिल रही थी। खासकर पाठ्य पुस्तकें, शुल्क और अन्य मामलों को लेकर शिकायत मिल रही थी।
इसके बाद जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जायसवाल को इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच में सामने आया है कि कई विद्यालय एनसीईआरटी पुस्तकों के बजाय महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। साथ ही कुछ स्कूलों द्वारा अभिभावकों को तय दुकानों से ही किताबें और अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य किए जाने तथा वेबसाइट पर आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित न करने की शिकायतें भी मिली हैं।
शिक्षा महकमे ने रामनगर, हल्द्वानी और भवाली क्षेत्र में ऐसे कई विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन विद्यालयों में श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल, ग्रीनवुड ग्लोबल स्कूल, ओकवार्ड पब्लिक स्कूल, ग्रीन फील्ड एकेडमी, मदर ग्लोरी पब्लिक स्कूल, शाइनिंग स्टार स्कूल, डी विटो स्कूल, महर्षि विद्या मंदिर, निर्मला कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, क्वींस सीनियर सेकेंडरी स्कूल और द सनबीम पब्लिक स्कूल शामिल हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कृत्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 और सीबीएसई दिशा-निर्देशों और उपभोक्ता संरक्षा अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के खिलाफ है।
श्री जायसवाल ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए विकासखंड स्तर पर संयुक्त जांच समितियां गठित की गई हैं, जो तय समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।
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