मधुबनी , अप्रैल 09 -- बिहार में मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने गुरुवार को कहा है कि निजी विद्यालयों की तरफ से विभिन्न मदों में छात्रों से नियम विरुद्ध की जा रही शुल्क वसूली की जाँच कर अनियमितता पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में जिलाधिकारी श्री शर्मा को शिकायत मिली थी कि जिले के कुछ निजी विद्यालयों में नामांकन के दौरान छात्रों एवं अभिभावकों से पुनः नामांकन,ड्रेस,पुस्तक,विकास शुल्क,वार्षिक शुल्क आदि के नाम पर अत्यधिक एवं अनियमित राशि वसूली की जा रही है। साथ ही विद्यालय यूनिफॉर्म,पुस्तक व अन्य शैक्षणिक सामग्री के लिए निर्धारित दुकानों से ही खरीद के लिए अभिभावकों को बाध्य करते हैं।

जिलाधिकारी ने इस समस्या पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि यह प्रवृत्ति शिक्षा के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देती है, जो अत्यंत चिंताजनक एवं आपत्तिजनक है। उन्होंने जिले के सभी निजी विद्यालयों के संचालकों को निर्देशित किया है कि वह नियमों एवं अधिनियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। इस निर्देश में कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009, बिहार विद्यालय परिवहन संचालन विनियमन, 2020, बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2019 के निर्देशों के अनुसार विद्यालय की ओर से निर्धारित सभी प्रकार के शुल्क (प्रवेश, पुनः नामांकन,विकास,मासिक, वार्षिक आदि) की जानकारी विद्यालय के सूचना पट्ट एवं वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी। पुस्तकों,ड्रेस एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री की सूची भी सार्वजनिक की जाएगी। अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और वह अपनी सुविधा अनुसार कहीं से भी खरीद सकते हैं। विद्यालयों हर वर्ष यूनिफॉर्म बदलने जैसी अनावश्यक प्रथाओं से बचेंगे।

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई विद्यालय इन निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के अनुपालन की निगरानी अनुमंडल स्तर पर संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी तथा जिला स्तर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी मधुबनी करेंगे और आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित