कपूरथला , जून 16 -- पंजाब में कपूरथला के जिला उपायुक्त आकाश बंसल ने मंगलवार को जिले में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश देते हुए कहा है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को पहली कक्षा में कमजोर और वंचित वर्गों के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखना अनिवार्य होगा।

श्री बंसल ने स्पष्ट किया कि इन बच्चों के प्रवेश के समय किसी प्रकार की अतिरिक्त फीस नहीं ली जा सकती और न ही बच्चों या उनके अभिभावकों का कोई साक्षात्कार अथवा प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा सकती है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और पंजाब सरकार के नियमों के अनुसार 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का मौलिक अधिकार है।

उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 190 निजी स्कूलों को मान्यता प्राप्त है, जबकि नए स्कूलों को मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की गयी है। उन्होंने कहा कि नियमों के पालन की निगरानी के लिए उनके नेतृत्व में 'जिला प्रवेश एवं निगरानी समिति' का गठन किया गया है। यदि कोई निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल इन प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो समिति की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द करने अथवा अन्य कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय ले सकता है।

उपायुक्त ने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21-ए के तहत शिक्षा को प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार बनाया गया है, जिसे 1 अप्रैल 2010 से पूरे देश में लागू किया गया था। इसके साथ ही भारत उन देशों की सूची में शामिल हुआ, जहां बच्चों को शिक्षा का मौलिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक स्कूल में योग्य अध्यापक, पुस्तकालय, स्वच्छ पेयजल, खेल मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है। साथ ही शिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात का पालन भी अनिवार्य है।

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