भिण्ड , सितंबर 09 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिला अस्पताल में भर्ती 17 वर्षीय किशोरी की निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने जिला अस्पताल में पदस्थ एमडी मेडिसिन डॉ. विनीत गुप्ता पर किशोरी का निजी क्लीनिक में इलाज करने और तबीयत बिगड़ने के बाद करीब एक घंटे तक डॉक्टर के नहीं पहुंचने का आरोप लगाया है। घटना के बाद प्रशासन ने क्लीनिक सील कर मामले की जांच के लिए समिति गठित की है।

मोहन सिंह का पुरा, नुन्हाटा निवासी जानवी तोमर (17) को तेज बुखार आने पर चार सितंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार उसका इलाज डॉ. विनीत गुप्ता कर रहे थे। डॉक्टर ने किशोरी को आईसीयू में भर्ती करने की सलाह दी थी, लेकिन बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे आईसीयू में भर्ती नहीं किया जा सका।

परिजनों का आरोप है कि छह सितंबर को डॉक्टर ने जिला अस्पताल में भर्ती किशोरी को अपने निजी क्लीनिक पर बुलाकर देखा और दवाएं लिखीं। सोमवार रात उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। मंगलवार सुबह हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उसे हाउसिंग कॉलोनी स्थित डॉक्टर की निजी क्लीनिक पर लेकर पहुंचे। उनका कहना है कि वहां करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बावजूद डॉक्टर नहीं पहुंचे और इसी दौरान किशोरी की मौत हो गई।

इसके बाद परिजन किशोरी के शव को जिला अस्पताल के स्ट्रेचर पर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने मौत की पुष्टि की। बाद में परिजन शव को वापस डॉक्टर की क्लीनिक के बाहर ले गए और एफआईआर दर्ज करने तथा क्लीनिक सील करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

सूचना मिलने पर एसडीएम अखिलेश शर्मा, सीएसपी निरंजन राजपूत और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए और स्थिति को नियंत्रित किया। एसडीएम ने जांच पूरी होने तक क्लीनिक को सील करा दिया।

सीएमएचओ डॉ. जेएस यादव ने बताया कि घटनाक्रम की जांच के लिए तहसीलदार, डीएचओ और आरएमओ की समिति गठित की गई है। समिति मरीज के इलाज, जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं और निजी क्लीनिक में इलाज से जुड़े सभी तथ्यों की जांच करेगी। कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने भी मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित