बीकानेर , सितंबर 24 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली ऐतिहासिक जीत से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बौखला गये हैं और वह अपने वार्ड की हार का दोष भी दूसरों को दे रहे हैं जबकि उन्हें इस करारी हार का विश्लेषण करना चाहिए।
श्री शर्मा ने आज यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि श्री गहलोत अपने वार्ड में भी पार्टी को नहीं जीता पाये हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर गुस्सा हैं, लेकिन अपनी हार का दोष दूसरों को दे रहे हैं। उन्होंने कहा " श्री गहलोत के आरोपों की भाषा निरंतर बदल रही है जिसके कई कारण हैं। मैं जब रोड शो कर रहा हूं तो वो कहते हैं कि मुख्यमंत्री को रोड शो नहीं करना चाहिए। जब चुनाव हारते हैं तो पीसीसी चीफ से कहते हैं कि मुख्यमंत्री ने रोड शो किए तो पीसीसी को भी करने चाहिए। असल में उनके गुस्से का कारण पीसीसी चीफ हैं। वो इसलिए क्योंकि गहलोत अपना वार्ड भी हार गये हैं। कांग्रेस में इनकी आपस की लड़ाईयां हैं।"उन्होंने कहा कि श्री गहलोत ने 2018 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ क्या किया था वो सब जानते हैं। बेहतर है कि वे अपने गिरेबान में झांकें और दूसरों पर आरोप ना लगायें। कांग्रेस का तो जनाधार लगातार सिमटता जा रहा है। आज यह कुछ ही राज्यों में शेष है और भविष्य में कहीं नहीं रहेगी। क्योंकि कांग्रेस के नेता तो अपने बेटों की लॉन्चिंग करने में लगे हैं। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी तो राहुल गांधी की लगातार लॉन्चिंग कर रही हैं और श्री गहलोत अपने बेटे की।
मुख्यमंत्री ने श्री गहलोत से पूछा है कि वह बतायें कि जब कांग्रेस सरकार का शासन था तो उन्होंने एक निगम के दो टुकड़े क्यों किये। वह अब वार्डों के पुनर्सीमांकन पर प्रश्न उठा रहे हैं लेकिन हमने तो वार्डों को नियम से ही बनाया है। ये वार्ड बने एक साल हो गया, उस समय तो उन्होंने कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में मिला जनादेश राजस्थान की जनता का भाजपा के लिए प्रेम है। हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता का विश्वास और प्यार हमें आगे भी मिलता रहेगा। यह गहलोत साहब को पच नहीं रहा है। उन्हें आकलन करना चाहिए कि क्या-क्या कमी रहीं।
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