नासिक , अक्टूबर 28 -- नासिक जिले के निवासी उपजिलाधिकारी रोहितकुमार राजपूत ने सभी बैंकों को सूखाग्रस्त किसानों के लिए स्वीकृत वित्तीय सहायता से कर्ज की वसूली नहीं करने और उनके बैंक खातों में जमा राहत राशि से किसी भी तरह की कटौती नहीं करने का निर्देश दिया है।
वर्ष 2026 के खरीफ मौसम में जिले की 13 तहसीलों में सूखे जैसी स्थिति से प्रभावित किसानों के लिए प्रति किसान 5,000 रुपये की अग्रिम राहत राशि मंजूर की गई है।
राजपूत ने सभी बैंकों से अपील की है कि किसानों के लिए स्वीकृत अग्रिम सहायता और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान के लिए सरकार की ओर से दी जाने वाली मुआवजा राशि बिना किसी कटौती या रोक-टोक के प्रभावित किसानों तक पहुंचाई जाए।
सरकार यह आर्थिक सहायता किसानों को सूखे और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न कठिनाइयों से उबरने में मदद देने के लिए प्रदान कर रही है।
बैंकों को निर्देश दिया गया है कि राहत राशि को कर्ज की वसूली के लिए किसानों के ऋण खातों में स्थानांतरित न किया जाए। इसके अलावा, सहायता राशि जमा होने वाले खातों पर रोक लगाने या किसानों को राशि निकालने से रोकने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
यदि किसी बैंक ने पहले ही राहत राशि को कर्ज चुकाने के लिए स्थानांतरित कर दिया है या उस पर रोक लगा दी है, तो मामले की जांच कर लागू कानूनों और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
नासिक के अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक और जिला उपनिबंधक, सहकारी संस्थाओं को इन निर्देशों की जानकारी जिले के सभी राष्ट्रीयकृत, सहकारी और अन्य बैंकों के शाखा प्रबंधकों तक पहुंचाने तथा उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित