नासिक , मई 11 -- महाराष्ट्र के नासिक में प्याज के उचित दाम नहीं मिलने से किसानों को मायूसी का सामना करना पड़ रहा है और हालात यह है कि गुस्साए किसान प्याज को सड़क पर यूं ही फेंककर अपना विरोध प्रकट करने पर मजबूर हो गए हैं।
सोमवार को बाज़ार भावों में प्याज को कम से कम 300-400 रुपये प्रति क्विंटल का दाम मिला, जबकि औसत दर 800 से 1,000 रुपये के बीच रही। छोटे आकार के 'गोलटी' प्याज को तो महज़ 100 रुपये प्रति क्विंटल का ही दाम मिला। अपनी कड़ी मेहनत से उगाई गई फसल के लिए इतने कम दाम मिलते देख, एक किसान ने गुस्से में आकर अपना सारा प्याज सड़क किनारे फेंक दिया।
गौरतलब है कि यह जिला अपने धार्मिक स्थलों के अलावा, अपनी कृषि उपज खासकर प्याज, अंगूर और अनार के लिए भी मशहूर है। प्याज को एक मुख्य नकदी फसल माना जाता है; इसकी खेती खरीफ (जून से अक्टूबर), रबी (नवंबर से फरवरी) और गर्मी (जनवरी से जून) के मौसम में की जाती है।
यहां नासिक के अलावा मनमाड जिले के किसान भी प्याज की खेती करते हैं। पिछले कुछ सालों से, किसानों को प्याज को लेकर केंद्र सरकार की अस्थिर और मनमानी नीतियों का खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है। इसके चलते यह फसल उनके लिए लगातार परेशानी और संकट का सबब बन गई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित