नासिक , अगस्त 26 -- महाराष्ट्र के नासिक से दिल्ली के आदर्श नगर तक प्याज ले जाने वाली बहुप्रतीक्षित 'कांदा एक्सप्रेस' बुधवार को अपराह्न में रवाना हुई और इसके लगभग 24 घंटों में दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है।
इस बीच दिल्ली ले जाए जा रहे प्याज की गुणवत्ता और मात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ट्रेन की जांच में प्याज की बोरियों में 10 मिलीमीटर और 20 एमएम आकार के प्याज पाये गये। किसानों के अनुसार, ये कम गुणवत्ता वाले प्याज हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर 'गुल्टी' या तीसरी श्रेणी की उपज माना जाता है और नासिक में आमतौर पर पांच से 10 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिकते हैं। किसानों का आरोप है कि ट्रेन में लादे गये कुछ प्याज सड़े हुए भी मिले और उनका दावा है कि ऐसी उपज दिल्ली में 30 से 35 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बेची जा सकती है।
इस विवाद ने राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ ) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) द्वारा खरीदे जा रहे प्याज पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों ने बताया कि खरीद के लिए कई शर्तें रखी गयी थीं और दावा किया कि केवल अच्छी गुणवत्ता वाले, लगभग 45 से 55 एमएम आकार के प्याज ही खरीदे जाने थे। वे अब पूछ रहे हैं कि उस गुणवत्ता का प्याज कहां है।
गुणवत्ता से जुड़ी इस कथित समस्या के बारे में पता चलने पर, प्रहार किसान संगठन के कार्यकर्ता गणेश निंबालकर ने ट्रेन को रोकने की कोशिश की। उन्होंने अधिकारियों से उन अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज को दिखाने की मांग की, जिन्हें कथित तौर पर इस खेप के लिए खरीदा गया था।
निंबालकर ने आरोप लगाया कि ट्रेन में लादे गये प्याज़ खराब गुणवत्ता के थे और कुछ हद तक सड़े हुए थे। उन्होंने इस स्थिति को भ्रष्टाचार का मामला बताया और सवाल उठाया कि प्याज़ कहाँ से और किन किसानों से खरीदे गए थे। उन्होंने कहा कि किसान 30 रुपये प्रति किलो के भाव पर अच्छी गुणवत्ता के प्याज़ देने को तैयार थे, लेकिन सरकार उन्हें खरीदने को तैयार नहीं थी।
इससे पहले अधिकारियों ने दावा किया था कि 840 टन प्याज़ आदर्श नगर भेजे जायेंगे , हालांकि दो दिन बाद भी ट्रेन पूरी तरह लोड नहीं हो पायी और अब दिल्ली केवल 450 टन के आसपास प्याज़ भेजे जा रहे हैं। किसानों ने सवाल उठाया है कि क्या एनसीसीएफ और नेफेड के पास अच्छी गुणवत्ता के प्याज़ का पर्याप्त भंडारन है।
इस बीच केंद्रीय भंडारण निगम के रीजनल मैनेजर अजय जादू ने कहा कि प्याज़ की अगली ट्रेन तभी भेजी जायेगी जब मांग होगी।
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