नासिक/सिन्नर , अगस्त 09 -- नासिक-पुणे सेमी-हाई स्पीड रेलवे मार्ग को बदलने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे विधायक सत्यजीत तांबे और कई अन्य प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

हालात बिगड़ने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। श्री सत्यजीत तांबे ने कहा, "यह लोगों का आंदोलन है।" श्री तांबे ने पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद टिप्पणी करते हुए कहा कि जब तक रेलवे परियोजना मूल रूप से प्रस्तावित मार्ग का पालन नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

श्री तांबे ने कहा, "पुलिस ने अपना काम किया है लेकिन हम अपना काम करते रहेंगे। यह लोगों का आंदोलन है और अब यह रुकेगा नहीं। जब तक नासिक-पुणे रेलवे मूल रूप से तय सीधे मार्ग का पालन नहीं करता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।" उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की अपील की। गौरतलब है कि लगभग 16,000 करोड़ रुपये की लागत वाले नासिक-पुणे सेमी-हाई-स्पीड रेलवे परियोजना की योजना मूल रूप से पुणे, चाकन, राजगुरुनगर, मंचर, नारायणगांव, आलेफाटा, संगमनेर, सिन्नर और नासिक को जोड़ने के लिए बनाई गई है।

नारायणगांव में स्थित विश्वस्तरीय रेडियो टेलीस्कोप से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के कारण रेल मंत्रालय वैकल्पिक मार्गों पर विचार कर रहा है। विचार किए जा रहे विकल्पों में अहमदनगर-चाकन और नासिक-शिर्डी के रास्ते शामिल हैं। प्रस्तावित बदलावों ने प्रभावित इलाकों के निवासियों और राजनीतिक नेताओं की ओर से बड़ा विरोध पैदा किया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित