मुंबई , अगस्त 3 -- धोखाधड़ी मामले में दो दशक से भी अधिक समय से फरार चल रहे नासिक के एक व्यवसायी को मुंबई पुलिस ने उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को पूरा करने के लिए शहर आया था।
सोमवार को उपलब्ध कराये गये विवरण के अनुसार यह जानकारी सामने आयी है।
बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) पुलिस ने 65 वर्षीय आरोपी अवधूत चाफेकर को एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। बीकेसी पुलिस ने एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने के सिलसिले में वहां आये चाफेकर को गिरफ्तार कर किया। अदालत ने नौ लाख रुपये की धोखाधड़ी के 2005 के एक मामले में उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
पुलिस के अनुसार, चाफेकर ने अपने नाम पर दर्ज मोबाइल नंबर इस्तेमाल करना बंद कर दिया था। इसके लिए वह दूसरों के पहचान दस्तावेजों का सहारा लेता था। इस वजह से वह करीब 21 वर्ष तक पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। इस दौरान वह नासिक में जाकर बस गया और वहां उसने इलेक्ट्रिकल सामान बनाने का कारोबार शुरू कर लिया।
रिपोर्टों के अनुसार, जांचकर्ताओं ने एसआईआर प्रक्रिया का संचालन कर रहे अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाया और अनुरोध किया कि यदि आरोपी मतदाता रिकॉर्ड सत्यापन के लिए उपस्थित होता है तो उन्हें सूचित किया जाए। चाफेकर के विवरण जमा करने के बाद अधिकारियों ने उनके आवेदन में प्रदान किया गया संपर्क नंबर साझा किया। यह नंबर हालांकि किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत था, फिर भी पुलिस उसकी लोकेशन का पता लगाने में सफल रही।
पुलिस टीम मुंबई के बीकेसी इलाके में होटल पहुंची और उसने लंबित गिरफ्तारी वारंट पर अमल किया।
यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त निमित गोयल के निर्देशों के बाद लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे के अभियान के तहत शुरू की गयी थी। सहायक पुलिस आयुक्त संजय गायकवाड़ के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने जांच और गिरफ्तारी को अंजाम दिया।
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