नासिक , सितंबर 03 -- कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने आश्रम विद्यालयों की कथित बदहाल स्थिति को लेकर महाराष्ट्र सरकार और जनजातीय मामलों के मंत्रियों पर तीखा हमला बोला। इस बीच जनजातीय छात्रों की भूख हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही।
श्री दिपके ने आरोप लगाया कि मंत्री प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, लेकिन छात्रों की गंभीर समस्याएं सुनने के बावजूद "मुस्कुराते हुए आए और चले गये।" उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी मंत्री के बच्चे को सांप काट ले, तो क्या वह तब भी मुस्कुराएंगे।
उन्होंने आश्रम विद्यालयों की कथित बदहाल स्थिति की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि कुछ विद्यालयों के शौचालयों में जानवर भी प्रवेश नहीं करेंगे। उन्होंने सवाल किया कि जनजातीय छात्रों के लिए आवंटित करोड़ों रुपये आखिर कहां खर्च किए जा रहे हैं, जबकि छात्रों को पर्याप्त भोजन तक नहीं मिल रहा है।
श्री दिपके ने मुख्यमंत्री को स्वयं आश्रम विद्यालयों का दौरा कर वास्तविक स्थिति देखने की चुनौती दी और कहा कि जनजातीय मंत्री या मुख्यमंत्री छात्रों की समस्याओं का जवाब दें। प्रदर्शनकारी छात्रों ने भी मांग की कि मंत्री स्वयं आश्रम विद्यालय में रहकर वहां के शौचालयों का इस्तेमाल करें, ताकि उन्हें छात्रों की वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव हो सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल जनजातीय छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं और सरकार से इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने अधिकारियों द्वारा छात्रों के आंदोलन को "नाटक" बताए जाने की भी आलोचना की।
श्री दिपके ने कहा कि सरकार ने जनजातीय छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीरता नहीं दिखायी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि छात्र मुंबई में विरोध मार्च निकालते हैं तो वह उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने विपक्षी दलों से भी आंदोलन को समर्थन देने की अपील की।
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