बैतूल , जून 16 -- मध्यप्रदेश के बैतूल शहर के खंजनपुर क्षेत्र में सरकारी नाले की भूमि पर कथित अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय नागरिकों की शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता योगेश मालवीय और अन्य स्थानीय निवासियों ने कलेक्टर तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि खंजनपुर क्षेत्र में सरकारी नाले की भूमि पर मिट्टी डालकर उसका भराव किया गया और बाद में उसे प्लॉट के रूप में बेच दिया गया। उनका कहना है कि भूमि का न तो सीमांकन कराया गया और न ही किसी प्रकार का नक्शा स्वीकृत कराया गया, इसके बावजूद जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण गतिविधियां जारी हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार निवास करते हैं। उनका कहना है कि बरसात के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाला पानी इसी नाले के माध्यम से बहता है। नाले का प्राकृतिक मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में वर्षा ऋतु में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे आसपास के मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) डॉ. अभिजीत सिंह ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच स्थानीय लोगों ने वर्ष 2025 में गोठाना क्षेत्र स्थित बैतूल टाउन कॉलोनी में सामने आए नाले की भूमि पर अतिक्रमण और प्लॉटिंग के मामले का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार उस समय प्रशासन ने सर्वे कर करीब 20 अतिक्रमण चिन्हित किए थे और कुछ स्थानों पर कार्रवाई भी की गई थी।
शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि खंजनपुर क्षेत्र में नाले की भूमि की शीघ्र जांच कर उसे अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, ताकि भविष्य में जल निकासी की समस्या और संभावित नुकसान से बचा जा सके।
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