भागलपुर/बांका, मार्च 17 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि जिस तरह नालंदा विश्वविद्यालय का पुनरुद्धार कर उसके गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित किया गया, उसी तरह भागलपुर स्थित विक्रमशिला विश्वविद्यालय की समृद्ध विरासत को भी वापस लाया जाएगा।
श्री चौधरी ने आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान जगदीशपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भागलपुर स्थित विक्रमशिला विश्वविद्यालय की समृद्ध विरासत को भी वापस लाया जाएगा।इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भागलपुर में मेट्रो चलाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
श्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था। उस समय स्कूल, अस्पताल, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी लोगों को नसीब नहीं थी। तब राज्य में मात्र छह हजार किलोमीटर सड़कें थीं, जो अब बढ़कर एक लाख 40 हजार किलोमीटर हो चुकी हैं।बिहार का बजट भी तब महज 23 हजार करोड़ रुपये का था जो अब बढ़कर लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये हो गया है। राज्य में बिजली के क्षेत्र में भी बड़ा परिवर्तन हुआ है। पहले जहां केवल 17 लाख बिजली उपभोक्ता थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 2 करोड़ 16 लाख हो गई है। आज 22 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है और 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे लगभग 88 प्रतिशत परिवारों का बिजली बिल शून्य आ रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भागलपुर को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पटना में मरीन ड्राइव के निर्माण के बाद अब भागलपुर में भी मरीन ड्राइव बनाया जा रहा है। इसके अलावा भागलपुर से मिर्चाचौकी, भागलपुर से मुंगेर, सुल्तानगंज से देवघर और भागलपुर से बांका तक फोरलेन सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भागलपुर के विकास पर करीब 36 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित