कौशांबी , अप्रैल 17 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेत्री डॉ. नीतू कनौजिया ने शुक्रवार को "नारी शक्ति वंदन" अधिनियम को लेकर कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि नारी सम्मान, नारी अधिकार और नारी सशक्तिकरण का सशक्त प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भारत की संसद द्वारा पारित "नारी शक्ति वंदन" अधिनियम देश की मातृशक्ति को समर्पित एक ऐतिहासिक और सराहनीय कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद में 131वां संविधान संशोधन विधेयक (2026) पेश किया गया है।
डॉ. कनौजिया ने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध रही है और यह अधिनियम उसी संकल्प का उदाहरण है। इसके माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। साथ ही सीटों के परिसीमन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाएगा और उन्हें नीति निर्माण तथा शासन व्यवस्था में निर्णायक भूमिका निभाने का अवसर देगा। देश के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है।
डॉ. नीतू कनौजिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक योजनाएं चलाई हैं, जिनमें बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना प्रमुख हैं। इन योजनाओं से महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आया है।
उन्होंने कहा कि "नारी शक्ति वंदन" अधिनियम इन प्रयासों को नई दिशा और मजबूती देगा। इससे देश की लाखों प्रतिभाशाली महिलाओं को राजनीति में आगे आने का अवसर मिलेगा और लोकतंत्र अधिक प्रतिनिधिक तथा सशक्त बनेगा।
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