जगदलपुर , अप्रैल 12 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक लता उसेंडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है।
सुश्री लता उसेंडी ने सर्किट हाउस में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में इस अधिनियम को देश के लोकतंत्र में एक परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में सशक्त आधार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विभिन्न राजनीतिक दलों ने महिलाओं को मुख्यतः मतदाता के रूप में देखा, जबकि उन्हें निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका। इस अधिनियम के जरिए विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे उनकी भागीदारी में वृद्धि होगी।
सुश्री उसेंडी के अनुसार महिलाओं की नीति निर्माण में भागीदारी बढ़ने से उनके दृष्टिकोण को भी उचित स्थान मिलेगा, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाएगा। उन्होंने इसे देश के संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक को संसद में प्रस्तुत किए जाने के दौरान परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल नहीं थीं, इसके बावजूद इसे आगे बढ़ाया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आने वाले वर्षों में यह प्रावधान प्रभावी रूप से लागू होगा।
उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि अवसर मिलने पर महिलाएं हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण को गति देगी, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी।
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