रांची , अप्रैल 27 -- झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रमा खलखो ने भाजपा नेत्री पूर्णिमा साहू के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा महिलाओं के अधिकारों के नाम पर सिर्फ राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, जबकि जमीनी स्तर पर महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण देने में पूरी तरह विफल रही है।

श्रीमती खलखो ने कहा कि "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" को लेकर भाजपा जिस प्रकार विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगा रही है, वह पूरी तरह भ्रामक और तथ्यों से परे है। सच्चाई यह है कि इस अधिनियम को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर भाजपा ने खुद ही इसके क्रियान्वयन को अनिश्चित काल के लिए टालने का रास्ता बना लिया है। यह महिलाओं के साथ सबसे बड़ा छल है।

श्रीमती खलको ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया है। पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका रही है। लेकिन भाजपा केवल घोषणा और प्रचार तक सीमित है।

रमा खलखो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर भाजपा वास्तव में महिलाओं को अधिकार देना चाहती है, 2023 महिला आरक्षण विधेयक दोनों सदन पारित इस कानून को तुरंत प्रभाव से लागू करे।

श्रीमती खलको ने यह भी कहा कि भाजपा को पहले यह जवाब देना चाहिए कि आज भी महिलाओं की सुरक्षा, महंगाई, बेरोजगारी और पोषण जैसे बुनियादी मुद्दों पर उसकी क्या ठोस उपलब्धि है। केवल कानून का नाम लेकर महिलाओं को गुमराह करना बंद करना चाहिए।

श्रीमती खलखो ने कहा कि भाजपा द्वारा प्रस्तावित मशाल जुलूस सिर्फ एक राजनीतिक दिखावा है, जिसका उद्देश्य जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना है। झारखंड की महिलाएं जागरूक हैं और भाजपा के इस दिखावे को भली-भांति समझती हैं।

अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के हक और अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी और किसी भी प्रकार के राजनीतिक छल को सफल नहीं होने देगी।

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