रामपुर , अप्रैल 25 -- उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध महिलाओं का अपमान है और इससे विपक्षी दलों की महिला-विरोधी मानसिकता उजागर हुई है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा शनिवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में रामपुर में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिला सम्मेलन, विशाल पैदल मार्च तथा विपक्ष का पुतला दहन शामिल रहा। बड़ी संख्या में महिलाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की भागीदारी से कार्यक्रम आंदोलन का रूप लेता दिखाई दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रेस कांफ्रेंस से हुई, जिसमें कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने संसद में 16 और 17 अप्रैल को हुए घटनाक्रम को देश की महिलाओं के साथ "खुला अन्याय" बताते हुए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम और उससे जुड़े विधेयकों का विरोध कर विपक्षी दलों ने यह साबित कर दिया है कि वे महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने का ऐतिहासिक अवसर आया, तब विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते उसे रोकने का काम किया।
बाद में आयोजित महिला सम्मेलन में क्षेत्र की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सुनील कुमार शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में मिलक विधानसभा की विधायक राजबाला उपस्थित रहीं। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐतिहासिक निर्णय ले रही है।
विधायक राजबाला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसने जमीनी स्तर से लेकर संसद तक महिलाओं को सम्मान और अवसर देने का कार्य किया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर महिलाओं के नाम पर केवल राजनीति करने का आरोप लगाया। सम्मेलन के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने "नारी शक्ति जिंदाबाद" तथा "महिलाओं का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान" जैसे नारों के साथ विशाल पैदल मार्च निकाला, जो क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा।
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए उनका पुतला दहन भी किया। उपस्थित जनसमूह ने महिला-विरोधी राजनीति के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की।
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