जयपुर , अप्रैल 12 -- राजस्थान में जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए कहा है कि यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें नीति निर्माण की मुख्यधारा में लाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
श्रीमती मंजू शर्मा रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रही थी। उन्होंने इसे एक नए युग की दस्तक बताते हुए कहा कि सितंबर 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन है, जिसके तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं एवं दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। यह कदम न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि देश के समग्र विकास को भी नई गति देगा।
उन्होंने बताया कि जब महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आती हैं, तो शासन की प्राथमिकताओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल एवं स्वच्छता जैसे विषयों को अधिक महत्व मिलता है। यह अधिनियम महिलाओं को "नीति की लाभार्थी" से "नीति की निर्माता" बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जन धन योजना, मुद्रा योजना तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक एवं वित्तीय रूप से मजबूत किया गया है। इके साथ ही उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार किया है, जिससे उन्हें समय, स्वास्थ्य एवं सम्मान तीनों स्तरों पर सशक्तता प्राप्त हुई है।
भाजपा सांसद मंजू शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सशक्त नारी, आत्मनिर्भर नारी के लिए किए गए कार्यों के चलते आज लड़कियों की माध्यमिक स्तर पर नामांकन दर 80.2 प्रतिशत तक पहुंच गई। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.6 करोड़ से अधिक खाते खाले गए, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से 4.27 करोड़ से अधिक महिलाओं को पोषण सहायता, पोषण-2 के तहत 14 लाख से अधिक आंगनवाडी केंद्रों के जरिय 8.97 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाना, मुद्रा योजना के 68 फीसदी ऋण महिलाओं को प्रदान करना, 72 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम, उज्जवला योजना के 10 करोड़ एलपीजी कनेक्शन, जल जीवन मिशन के तहत 14.45 करोड़ घरों में पानी, मातृत्व अवकाश 26 सप्ताह का करने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए है।
आर्थिक सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि देश में पिछले दशक में 32 करोेड़ महिलाएं बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी हैं, उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं की मतदान में सक्रिय भागीदारी लगातार बढ़ रही है, वहीं पंचायतों में लगभग 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व यह दर्शाता है कि अवसर मिलने पर महिलाएं उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान करती हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से उनका प्रतिनिधित्व और अधिक सशक्त होगा, जिससे लोकतंत्र अधिक समावेशी, संतुलित और प्रभावी बनेगा।
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