नारायणपुर , मई 12 -- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में चलाए जा रहे "माड़ बचाओ अभियान" के तहत नारायणपुर पुलिस, जिल रिजर्व गार्ड, स्पेशल टास्क फोर्स, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सीमा सुरक्षा बल की संयुक्त कार्रवाई में नक्सलियों द्वारा जंगलों में छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 1.01 करोड़ रुपये से अधिक नकदी बरामद की गई है।

पुलिस ने यह जानकारी मंगलवार को दी। पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग और मजबूत आसूचना तंत्र की मदद से यह कार्रवाई संभव हो सकी। पिछले एक महीने से जिले के संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में लगातार सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया जा रहा था।

अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के कई छिपे डंप खोज निकाले, जहां से अत्याधुनिक हथियार, जिंदा कारतूस, बीजीएल सेल, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर, वायरलेस सेट, बैटरी और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई। संयुक्त टीम ने कुल 1,01,64,000 रुपये नकद जब्त किया है, जिसे नक्सल संगठन के लॉजिस्टिक और नेटवर्क संचालन में इस्तेमाल किया जाना था।

संयुक्त कार्रवाई के दौरान तीन एके-47 राइफल, तीन एसएलआर राइफल, दो .303 राइफल, एक .315 राइफल, दो बारह बोर बंदूक और दो देशी कट्टे बरामद किए गए। इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में जिंदा कारतूस, मैगजीन और बीजीएल सेल भी जब्त किए गए हैं।

सुरक्षा बलों ने 132 बीजीएल सेल, आठ इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, छह बंडल कॉर्डेक्स वायर, वॉकी-टॉकी सेट, मोटोरोला वायरलेस सेट, बिजली वायर, रेडियो सेल और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई से नक्सलियों की हथियार आपूर्ति और आईईडी निर्माण क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया ने बताया कि वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में कुल 270 हथियारों की रिकवरी हो चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि क्षेत्र में शांति, विकास और सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

पुलिस ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि जंगलों या आसपास के क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध वस्तु, हथियार या विस्फोटक सामग्री की जानकारी तुरंत पुलिस और सुरक्षा बलों को दें। अधिकारियों का कहना है कि अबूझमाड़ के जंगलों में अभी भी नक्सलियों द्वारा छिपाई गई सामग्री मिलने की संभावना बनी हुई है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार चल रही संयुक्त कार्रवाइयों और जनसहयोग के कारण नारायणपुर जिले में नक्सली गतिविधियां कमजोर पड़ रही हैं और क्षेत्र धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है।

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