नारायणपुर , जुलाई 28 -- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ के दुर्गम वनांचल में संचालित आदेर मायका सेंटर दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित मातृत्व का प्रभावी केंद्र बनकर उभर रहा है। विशेषकर वर्षा ऋतु में उफनते नदी-नालों के कारण स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंच मुश्किल होने के बावजूद यहां महिलाओं को समय पर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को बताया कि ग्राम भटबेड़ा निवासी गर्भवती महिला सामबती का 24 जुलाई को आदेर मायका सेंटर में सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं तथा दोनों की आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी और देखभाल की जा रही है।
विभाग ने बताया कि मायका सेंटर में गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व सुरक्षित आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यहां नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पौष्टिक भोजन, चिकित्सकीय निगरानी तथा आवश्यकता के अनुरूप अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं। इस व्यवस्था से अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों की महिलाओं को समय रहते संस्थागत प्रसव और बेहतर मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
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