बैतूल , अगस्त 11 -- मध्यप्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ ने नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर शत-प्रतिशत विभागीय पदोन्नति सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सोमवार को शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने बारिश के मौसम में रोवर मशीन से सीमांकन कराए जाने पर भी आपत्ति जताते हुए व्यवस्था में बदलाव की मांग की।
जिला अध्यक्ष सुनील कुमार वसूले और जिला सचिव राहुल इवने के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षकों ने अपर कलेक्टर कामिनी ठाकुर और डिप्टी कलेक्टर अनीता पटेल को मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भू-संसाधन प्रबंधन शाखा के प्रभारी अधिकारी से भी विभागीय समस्याओं पर चर्चा की गई।
संघ ने बताया कि प्रदेश में सीमित विभागीय परीक्षा को छोड़कर नायब तहसीलदार के 672 पद रिक्त हैं। इनमें 538 पद सीधी भर्ती तथा 69 पद भू-संसाधन प्रबंधन से संबंधित हैं। संघ का दावा है कि प्रदेश में कार्यरत राजस्व निरीक्षकों की संख्या भी लगभग इतनी ही है। ऐसे में विशेष प्रावधान कर इन रिक्त पदों पर विभागीय पदोन्नति देने की मांग की गई है।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि पदोन्नति से शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा, क्योंकि अधिकांश राजस्व निरीक्षक पहले से ही नायब तहसीलदार के समकक्ष वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं। अनुभवी कर्मचारियों को पदोन्नति मिलने से प्रशासनिक कामकाज में भी दक्षता बढ़ेगी।
राजस्व निरीक्षकों ने बारिश के दौरान रोवर मशीन से सीमांकन नहीं कराने की मांग भी की। उनका कहना है कि बारिश में खेतों की सीमाएं स्पष्ट नहीं दिखतीं और सांप के काटने सहित अन्य जोखिम बने रहते हैं। फसल खराब होने और महंगी मशीन के पार्ट खराब होने की स्थिति में कर्मचारियों पर जिम्मेदारी डालने पर भी संघ ने आपत्ति जताई।
संघ ने मांग की कि रोवर मशीन की विधिवत मेंटेनेंस नीति जारी होने तक बारिश में इसका उपयोग रोका जाए और मशीन खराब होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए। इसके अलावा पदोन्नति कोटा 75 प्रतिशत करने, स्टेशनरी भत्ता बढ़ाकर 2,500 रुपये और अतिरिक्त सर्किल भत्ता 10 हजार रुपये करने की मांग भी की गई।
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